Rajasthan

बाजरे की फसल में बढ़ रहा लट का प्रकोप, जानिए इससे कैसे करें बचाव?

 राहुल मनोहर/ सीकर. जिले में पर्याप्त मात्रा में बरसात होने के कारण किसानों को बाजरे की फसल में बंपर पैदावार होने की उम्मीद थी, मगर बाजरा पकने के कगार पर आते ही उसमें सफेद लट और हरी लट का प्रकोप है. इस कारण बाजरे में बना दाना हरी लट खा रही है तो सफेद लट जड़ से पौधे को नष्ट कर रही है. इससे किसान चिंतित है. पकी फसल में दवा का छिड़काव में भी संकोच कर रहे है. बाजरे की फसल में कई स्थानों पर 50 प्रतिशत तक नुकसान हो गया है.

पिछले 2 वर्षों से लगातार बाजरे की फसल में कीट हरी लट से नुकसान देखने को मिला है. कई खेतो के तो हालात तो इस कदर खराब है कि सिट्टो में गिनती के दाने बचे हैं. बाकी पूरे दानों को लट ने चट कर दिया है. सफेद लट जड़ को चट कर रही है. इस बार मौसम में लगातार नमी रहने से बाजरे की सिट्टों में हरी लट का प्रकोप हो गया. पश्चिमी से पूर्व की ओर चलने वाले पतंग / तितली (कीट) भी इसकी प्रमुख वजह बने हैं. जब बाजरे के सिट्टे बनने लगे, उस समय तितली ने अंडे दे दिए और जब सिट्टों में दाने बनने लगे तो लार्वा निकलकर लट बन गई, जिससे फसल को काफी नुकसान पहुंचा है.

इस तरह बचाए फसल को
हरी लट की रोकथाम के लिए क्वानल्फोस उन डस्ट का 20 से 25 किलो प्रति हैक्टेयर पर भुरकाव करें या एमीबैक्टिनवेनजोएट का 20 से 25 मिली पर टंकी स्प्रे कर सकते हैं. जड़ों में सफेद लट के नियंत्रण के लिए प्रति हेक्टेयर 4 लीटर क्लोरोपायरिफॉस 20 ईसी सिंचाई के पानी के साथ उपयोग कर सकते हैं.

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FIRST PUBLISHED : August 16, 2023, 13:38 IST

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