Rajasthan

Technological Advancements in Interventional Cardiology | इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में तकनीकी प्रगति

locationजयपुरPublished: Jul 31, 2023 12:02:09 am

रोबोटिक्स के साथ सटीक हस्तक्षेप

 

jaipur

अहमदाबाद. तकनीकी प्रगति के युग में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है जिसने हृदय रोगों के निदान और उपचार में क्रांति ला दी है। इंडियन हार्ट एसोसिएशन के शोध के अनुसार, विश्व में हृदय रोगों के कुल बोज में हमारे देश का लगभग 60त्न हिस्सा है। हृदय रोग, जो मृत्यु दर का प्रमुख कारण है। यह कहना डॉ. तेजस वी पटेल, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, मरेंगो सिम्स अस्पताल का। इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी प्रक्रियाओं का उपयोग कई फायदे लाता है, जिसमें रिकवरी अवधि को छोटा करना शामिल है। ट्रावास्कुलर अल्ट्रासाउंड (आईवीयूएस) और ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी (ओसीटी) जैसी इमेज-निर्देशित कैथीटेराइजेशन तकनीकें कोरोनरी एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी का मार्गदर्शन करने में अभिन्न अंग बन गई हैं। ये उन्नत इमेजिंग तकनीकें धमनी रुकावटों, प्लाक और संरचनात्मक असामान्यताओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करती हैं, जिससे सटीक निदान और उपचार योजना की सुविधा मिलती है। इन तकनीकों के माध्यम से प्राप्त सटीक जानकारी डॉक्टरों को प्रत्येक रोगी की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप लक्षित उपचार योजनाएँ विकसित करने में सक्षम बनाती है। रोबोटिक-सहायता वाले हस्तक्षेपों ने इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में क्रांति ला दी है और प्रक्रियाओं के निष्पादन के तरीके को बदल दिया है।

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