Rajasthan

Reserves Of Limestone, Garnet And Iron Ore Will Be Discovered – लाइमस्टोन, गारनेट और आयरन ओर के भण्डारों की होगी खोज

राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट ( Mineral Exploration ) राज्य की पांच परियोजनाओं में लाइमस्टोन ( limestone ), गारनेट ( garnet ) और आयरन ओर के भण्डारों की खोज करवाएगा, वहीं प्रदेश में खनिज एक्सप्लोर गतिविधियों ( Mineral Exploration ) को बढ़ावा देते हुए ड्रिलिंग कार्य के लिए ड्रिलिंग मशीन व उपकरणों सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे।

जयपुर। राजस्थान स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट राज्य की पांच परियोजनाओं में लाइमस्टोन, गारनेट और आयरन ओर के भण्डारों की खोज करवाएगा, वहीं प्रदेश में खनिज एक्सप्लोर गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए ड्रिलिंग कार्य के लिए ड्रिलिंग मशीन व उपकरणों सहित आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल पर प्रदेश में सितंबर 20 में खनन गतिविधियों को विस्तारित करने के लिए इस ट्रस्ट का गठन किया गया। मुख्यमंत्री का मानना है कि राजस्थान में अपार खनिज संपदा मौजूद है। खनन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए राजस्थान को पूरी प्रतिबद्धता, तकनीक का बेहतर उपयोग, कार्यशैली में पारदर्शिता और इंवेस्टमेंट फ्रैण्डली के रुप में काम करना होगा।
आरएसएमईटी में एकत्रित राशि से राज्य में खनन खोज गतिविधियों को गतिशील किया जाएगा। इसके लिए पहले चरण में पांच परियोजनाओं में लाइम स्टोन के भण्डारों की खोज का कार्य कोटा जिले की नीमाना-धुनिया, बारां जिले के शाहबाद और जोधपुर जिले के बिलाड़ा तहसील के भगासनी ब्लाक, अजमेर के पीसांगन के सरसड़ी में गारनेट और झुन्झुनू के उदयपुरवाटी के पचलंगी पापड़ा में आयरन ओर के भण्डारों के एक्सप्लोर का कार्य इस ट्रस्ट के सहयोग से करवाया जाएगा। इसी तरह से माइंस विभाग की प्रयोगशाला को उच्च स्तरीय बनाने के लिए उसे आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही एनएबीएल से प्रमाणित संस्था बनाया जाएगा, जिससे सेंपलों के विश्लेषण का कार्य स्तरीय और त्वरित हो सके।
विभाग में ड्रिलिंग कार्य को गति देने के लिए इस ट्रस्ट से नई ड्रिलिंग मशीन व आवश्यक उपकरण, आवश्यकता पडऩे पर आउटसोर्सिंग और प्रोत्साहन आधारित एक्सन प्लान क्रियान्वित किया जाएगा। अभी विभाग के पास ड्रिलिंग के लिए पुरानी मशीनरी और प्रर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण साल में 2500 से 2600 मीटर ही ड्रिलिंग हो पाती है। इस ट्रस्ट के माध्यम से विभाग की एक्सपलोरेशन गतिविधियों में तेजी लाई जाएगी। ट्रस्ट की बैठक प्रति तीसरे माह और आवश्यकता पडऩे पर पहले भी की जा सकेगी, ताकि इसके सहयोग से राज्य में खनन खोज व खनन कार्य गतिविधियों में तेजी लाई जा सके।







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